बिहार के पूर्व मुख्यमंत्री लालू प्रसाद यादव के बड़े बेटे तेजप्रताप यादव पत्नी ऐश्वर्या से तलाक़ लेने पर अड़े गए हैं.
तेज प्रताप यादव ने कहा, ''ऐश्वर्या राय से तलाक़ के लिए पिता लालू की ज़मानत का इंतज़ार नहीं कर सकता. ये समस्या का हल नहीं है. मैं अपने फैसले पर अटल हूं. न जाने पापा को कब ज़मानत मिलेगी. मेरी दिक्क़तें इंतज़ार नहीं कर सकतीं.''
तेज प्रताप ने संकेत दिए कि वो इस मसले पर किसी की भी बात नहीं सुनेंगे, फिर चाहे वो उनकी बहन और भाई भी क्यों न हों.
इससे पहले तेजप्रताप ने कोर्ट में ऐश्वर्या राय से तलाक़ की अर्ज़ी दी थी.
कोर्ट में अर्ज़ी देने के बाद तेजप्रताप ने मीडिया से कहा था, "मेरा और उनका मेल नहीं खाता है. हम पूजा-पाठ करने वाले धार्मिक व्यक्ति हैं और वो दिल्ली में हाई सोसाइटी में रहीं हैं. हमने अपने मम्मी-पापा को भी समझाने की कोशिश की है कि हमारा इनका मेल नहीं खाता है, लेकिन मुझे मोहरा बनाया गया. मेरे घरवाले भी मेरा साथ नहीं दे रहे हैं."
तेज प्रताप ने हिन्दू मैरेज एक्ट 13 (1A) के तहत चीफ जस्टिस, परिवार न्यायालय, पटना की अदालत में पत्नी ऐश्वर्या राय से तलाक़ की अर्ज़ी 1208/18 दी है. कोर्ट ने उनकी अर्ज़ी स्वीकार भी कर ली है.
29 नवंबर को तलाक़ की अर्ज़ी पर सुनवाई होनी तय हुई है.
BI बनाम मोदी सरकार: क्या बोले रघुराम राजन?
रिज़र्व बैंक ऑफ इंडिया और केंद्र की मोदी सरकार के बीच तकरार में अब पूर्व गवर्नर रघुराम राजन का बयान आया है.
रघुराम राजन ने कहा, ''आरबीआई को क्रिकेटर राहुल द्रविड़ की तरह आहिस्ता-आहिस्ता फ़ैसले लेने चाहिए, जिन्हें लोग भरोसेमंद मानते हैं. आरबीआई की भूमिका आए दिन बयान देने वाले नवजोत सिंह सिद्धू की तरह नहीं होनी चाहिए.''
आरबीआई की भूमिका पर बात करते हुए रघुराम राजन कहते हैं, ''मौजूदा स्थिति में आरबीआई की भूमिका कार की सीट बेल्ट की तरह है, जो दुर्घटना रोकने के लिए ज़रूरी होती है.''
बीते दिनों सेक्शन 7 भी चर्चा में रहा था. राजन ने इस पर कहा, ''सेक्शन सात को इस्तेमाल किया जाना अच्छी ख़बर नहीं है. अगर इस सेक्शन का इस्तेमाल किया गया तो बैंक और सरकार दोनों के संबंध ख़राब हो जाएंगे.''
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