दिल्ली के सिग्नेचर ब्रिज पर शुक्रवार सुबह बड़ा हादसा हुआ है. यहां सेल्फी ले रहे दो युवकों की पुल से नीचे गिरकर मौत हो गई है. बताया जा रहा है कि दोनों युवक बाइक पर सवार थे और इनकी बाइक डिवाइडर से टकरा गई थी. जिसकी वजह से ये हादसा हुआ. हालांकि, कुछ चश्मदीदों का कहना है कि ये हादसा सेल्फी लेने की वजह से नहीं बल्कि तेज रफ्तार के कारण हुआ है. पुलिस अभी भी इस मामले की जांच कर रही है.
दोनों युवक सेल्फी लेने के दौरान पुल से नीचे रेत पर जा गिरे. मौके पर पुलिस पहुंच गई है और मामले की पड़ताल जारी है. बताया जा रहा है कि शुक्रवार सुबह करीब 9 बजे पुल पर जिस जगह इन युवकों की बाइक टकराई, उस जगह एक बड़ा गैप था. इसी गैप के कारण बाइक पुल से नीचे जा गिरी और युवकों की मौत हो गई.
आपको बता दें कि अभी कुछ दिन पहले ही दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल और उपमुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया ने इस पुल का उद्घाटन किया था.
इस पुल की खासियत ही सबसे ऊंचा सेल्फी प्वाइंट बताई जा रही थी. जिस दिन पुल आम जनता के लिए खोला गया था, उसी के बाद से ही आम लोगों का वहां पर खड़े हो सेल्फी लेना प्रशासन के लिए चुनौती बन रहा था.
आपको बता दें कि इस ब्रिज पर 154 मीटर ऊंचा ग्लास बॉक्स भी है, जो पर्यटक स्थल के रूप में लोगों को शहर का ‘बर्ड्स-आई व्यू’ देता है.
सिग्नेचर ब्रिज उद्घाटन के दौरान से ही विवादों में रहा है. इसके उद्घाटन के दौरान बीजेपी सांसद मनोज तिवारी और आप विधायक अमानतुल्लाह खान के बीच हुई झड़प ने काफी सुर्खियां बटोरी थीं.
मध्य प्रदेश में विधानसभा की 230 सीटों के लिए 28 नवंबर को वोट डाले जाएंगे. राज्य में 15 साल से सत्ता से दूर कांग्रेस इस बार जीत के लिए कोई कसर नहीं छोड़ना चाहती. पार्टी ने अपने घोषणापत्र में कई ऐसे लुभावने वादे किए हैं जो दूसरी पार्टियां सत्ता में आने के लिए करती रही हैं. कांग्रेस ने घोषणापत्र का नाम वचन पत्र रखा है.
इसमें वादा किया गया है कि अगर एमपी में कांग्रेस की सरकार बनी तो हर पंचायत में एक गोशाला बनाई जाएगी. बेरोजगारों को 10000 रुपये प्रति महीने दिए जाएंगे. कांग्रेस ने अपने घोषणापत्र में युवाओं, किसानों सहित बेटियों को भी जगह दी है. खुद मध्य प्रदेश कांग्रेस के अध्यक्ष कमलनाथ ने कहा कि पार्टी का वचन पत्र अलग-अलग विषयों पर आधारित है.
कमलनाथ ने कहा कि महिलाओं को सक्षम बनाने के लिए उन्हें स्व-सहायता समूहों से जोड़ा जाएगा. कांग्रेस ने मंडी शुल्क को 1 फीसदी करने का वादा किया. यही नहीं अगर राज्य में कांग्रेस सत्ता में आती है तो दैनिक वेतन भोगी और सफाई कर्मचारियों को भी स्थायी करने का वादा किया गया है.
बेरोजगारों को 10 हजार रुपये प्रति महीना देने का वादा
बीजेपी ने जहां हर साल 10 लाख नौकरी देने का वादा किया है तो वहीं कांग्रेस ने बेरोजगारों को 10 हजार रुपये प्रति महीना देने का वादा किया है. पार्टी यह रकम तब तक देगी जब तक उसको नौकरी नहीं मिल जाए. वहीं राज्य के हर जिले के 10वीं में टॉप करने वाले को लैपटॉप देने का भी कांग्रेस ने वादा किया है. गौरतलब है कि सपा ने सत्ता में आने के लिए यूपी में बेरोजगारी भत्ता देने का वादा किया था.
बेटियों के विवाह के लिए 51 हजार रुपये देने का वादा
मध्य प्रदेश में शिवराज सिंह चौहान अपने 15 साल के लंबे कार्यकाल में लड़कियों के लिए कई योजनाएं लाए. लड़कियों की जिम्मेदारी उठाने के कारण उन्हें मामा भी कहा जाता है. इस मामले में कांग्रेस शिवराज की नकल करती दिख रही है. कांग्रेस ने वादा किया है कि चुनाव जीतने पर बेटियों के विवाह के लिए 51 हजार रुपये सरकार की तरफ से दिए जाएंगे.
सभी पंचायतों में एक गोशाला बनाने का वादा
अब तक जहां गायों को लेकर बीजेपी ही सिर्फ बात करती थी तो वहीं इस बार कांग्रेस भी हिंदुओं को लुभाने के लिए अपने घोषणापत्र में गाय को भी जगह दी है. कांग्रेस ने राज्य के सभी पंचायतों में एक गोशाला बनाने का वादा किया है.
Friday, November 23, 2018
Tuesday, November 6, 2018
पत्नी ऐश्वर्या से तलाक़ के लिए लालू की बेल का तेजप्रताप नहीं करेंगे इंतज़ार
बिहार के पूर्व मुख्यमंत्री लालू प्रसाद यादव के बड़े बेटे तेजप्रताप यादव पत्नी ऐश्वर्या से तलाक़ लेने पर अड़े गए हैं.
तेज प्रताप यादव ने कहा, ''ऐश्वर्या राय से तलाक़ के लिए पिता लालू की ज़मानत का इंतज़ार नहीं कर सकता. ये समस्या का हल नहीं है. मैं अपने फैसले पर अटल हूं. न जाने पापा को कब ज़मानत मिलेगी. मेरी दिक्क़तें इंतज़ार नहीं कर सकतीं.''
तेज प्रताप ने संकेत दिए कि वो इस मसले पर किसी की भी बात नहीं सुनेंगे, फिर चाहे वो उनकी बहन और भाई भी क्यों न हों.
इससे पहले तेजप्रताप ने कोर्ट में ऐश्वर्या राय से तलाक़ की अर्ज़ी दी थी.
कोर्ट में अर्ज़ी देने के बाद तेजप्रताप ने मीडिया से कहा था, "मेरा और उनका मेल नहीं खाता है. हम पूजा-पाठ करने वाले धार्मिक व्यक्ति हैं और वो दिल्ली में हाई सोसाइटी में रहीं हैं. हमने अपने मम्मी-पापा को भी समझाने की कोशिश की है कि हमारा इनका मेल नहीं खाता है, लेकिन मुझे मोहरा बनाया गया. मेरे घरवाले भी मेरा साथ नहीं दे रहे हैं."
तेज प्रताप ने हिन्दू मैरेज एक्ट 13 (1A) के तहत चीफ जस्टिस, परिवार न्यायालय, पटना की अदालत में पत्नी ऐश्वर्या राय से तलाक़ की अर्ज़ी 1208/18 दी है. कोर्ट ने उनकी अर्ज़ी स्वीकार भी कर ली है.
29 नवंबर को तलाक़ की अर्ज़ी पर सुनवाई होनी तय हुई है.
BI बनाम मोदी सरकार: क्या बोले रघुराम राजन?
रिज़र्व बैंक ऑफ इंडिया और केंद्र की मोदी सरकार के बीच तकरार में अब पूर्व गवर्नर रघुराम राजन का बयान आया है.
रघुराम राजन ने कहा, ''आरबीआई को क्रिकेटर राहुल द्रविड़ की तरह आहिस्ता-आहिस्ता फ़ैसले लेने चाहिए, जिन्हें लोग भरोसेमंद मानते हैं. आरबीआई की भूमिका आए दिन बयान देने वाले नवजोत सिंह सिद्धू की तरह नहीं होनी चाहिए.''
आरबीआई की भूमिका पर बात करते हुए रघुराम राजन कहते हैं, ''मौजूदा स्थिति में आरबीआई की भूमिका कार की सीट बेल्ट की तरह है, जो दुर्घटना रोकने के लिए ज़रूरी होती है.''
बीते दिनों सेक्शन 7 भी चर्चा में रहा था. राजन ने इस पर कहा, ''सेक्शन सात को इस्तेमाल किया जाना अच्छी ख़बर नहीं है. अगर इस सेक्शन का इस्तेमाल किया गया तो बैंक और सरकार दोनों के संबंध ख़राब हो जाएंगे.''
तेज प्रताप यादव ने कहा, ''ऐश्वर्या राय से तलाक़ के लिए पिता लालू की ज़मानत का इंतज़ार नहीं कर सकता. ये समस्या का हल नहीं है. मैं अपने फैसले पर अटल हूं. न जाने पापा को कब ज़मानत मिलेगी. मेरी दिक्क़तें इंतज़ार नहीं कर सकतीं.''
तेज प्रताप ने संकेत दिए कि वो इस मसले पर किसी की भी बात नहीं सुनेंगे, फिर चाहे वो उनकी बहन और भाई भी क्यों न हों.
इससे पहले तेजप्रताप ने कोर्ट में ऐश्वर्या राय से तलाक़ की अर्ज़ी दी थी.
कोर्ट में अर्ज़ी देने के बाद तेजप्रताप ने मीडिया से कहा था, "मेरा और उनका मेल नहीं खाता है. हम पूजा-पाठ करने वाले धार्मिक व्यक्ति हैं और वो दिल्ली में हाई सोसाइटी में रहीं हैं. हमने अपने मम्मी-पापा को भी समझाने की कोशिश की है कि हमारा इनका मेल नहीं खाता है, लेकिन मुझे मोहरा बनाया गया. मेरे घरवाले भी मेरा साथ नहीं दे रहे हैं."
तेज प्रताप ने हिन्दू मैरेज एक्ट 13 (1A) के तहत चीफ जस्टिस, परिवार न्यायालय, पटना की अदालत में पत्नी ऐश्वर्या राय से तलाक़ की अर्ज़ी 1208/18 दी है. कोर्ट ने उनकी अर्ज़ी स्वीकार भी कर ली है.
29 नवंबर को तलाक़ की अर्ज़ी पर सुनवाई होनी तय हुई है.
BI बनाम मोदी सरकार: क्या बोले रघुराम राजन?
रिज़र्व बैंक ऑफ इंडिया और केंद्र की मोदी सरकार के बीच तकरार में अब पूर्व गवर्नर रघुराम राजन का बयान आया है.
रघुराम राजन ने कहा, ''आरबीआई को क्रिकेटर राहुल द्रविड़ की तरह आहिस्ता-आहिस्ता फ़ैसले लेने चाहिए, जिन्हें लोग भरोसेमंद मानते हैं. आरबीआई की भूमिका आए दिन बयान देने वाले नवजोत सिंह सिद्धू की तरह नहीं होनी चाहिए.''
आरबीआई की भूमिका पर बात करते हुए रघुराम राजन कहते हैं, ''मौजूदा स्थिति में आरबीआई की भूमिका कार की सीट बेल्ट की तरह है, जो दुर्घटना रोकने के लिए ज़रूरी होती है.''
बीते दिनों सेक्शन 7 भी चर्चा में रहा था. राजन ने इस पर कहा, ''सेक्शन सात को इस्तेमाल किया जाना अच्छी ख़बर नहीं है. अगर इस सेक्शन का इस्तेमाल किया गया तो बैंक और सरकार दोनों के संबंध ख़राब हो जाएंगे.''
Monday, November 5, 2018
中期选举前再看中美冲突操盘手——白宫顾问团队
美国中期选举在即,白宫开足马力为共和党候选人拉票,力保参议院多数席位,也试图扭转众议院选情的颓势。就在选战正酣,吸取媒体注意力之时,白宫又悄然创下一项新纪录,成为自里根时代以来,美国总统首任任期内白宫高级顾问职位变更率最高的一届政府。
所谓白宫高级顾问,主要包括总统办公厅主任、白宫律师、国家安全事务助理、白宫新闻发言人、总统经济顾问等在内的12位高级别政策咨询顾问,他们负责协调总统与行政部门的沟通、制定政治与经济领域内重大政策、协调执政团队等重要事务。根据布鲁金斯协会的统计,到目前为止已有10个职位易主,某些岗位还数度易手,变更率高达83%,同比达到前任奥巴马总统的两倍、小布什总统的五倍。这种频繁且大规模的更换高级顾问,已经成为特朗普政府的又一特色。
如果仔细分析留任和履新的人员,可以发现这其中不乏政界新人,还有许多长期被美国主流政治势力所压制与排斥的边缘人物。如今,在特朗普“反精英”、“反建制”的召唤下,他们大步跃入美国权力的中枢。他们的到来,不仅改变了白宫权力版图与政治生态,还对美国外交政策、全球治理、以及美中关系,产生颠覆性的影响。
随着特朗普进入白宫的“非主流”政治人物中最突出的代表,是已经离职的总统首席战略顾问班农。他曾经强烈抵制全球化、相信一场“反伊斯兰法西斯主义”的全球战争将开启、也视中国为美国全球政治和经济领导地位的最大挑战。班农已经告别白宫,重新回到他所熟悉的媒体世界和草根阶层,在总统权力中枢之外,继续为民粹主义站脚助威。
郭文贵受访赞班农是“了解亚洲的西方人”
但是送别了班农,白宫却迎来了更多的“非主流”人物。其中国家安全事务助理博尔顿,是新保守主义的代表人物之一,信奉单边主义,对美国所加入的国际条约和国际组织,持怀疑和否定态度。他曾在小布什总统任内出任美国驻联合国大使,但上任伊始,他就放言“联合国秘书处在纽约的大楼有38层,不过即使我今天砍掉10层,
也不会有什么不同。因为联合国根本就是不存在的东西”。博尔顿于2006年辞职,在美国右翼媒体福克斯新闻做兼职评论员,淡出政界多年。而此次出任国家安全事务助理之后,他抨击联合国,力主美国退出《中导条约》,依然保持“鹰派”本色。
所谓白宫高级顾问,主要包括总统办公厅主任、白宫律师、国家安全事务助理、白宫新闻发言人、总统经济顾问等在内的12位高级别政策咨询顾问,他们负责协调总统与行政部门的沟通、制定政治与经济领域内重大政策、协调执政团队等重要事务。根据布鲁金斯协会的统计,到目前为止已有10个职位易主,某些岗位还数度易手,变更率高达83%,同比达到前任奥巴马总统的两倍、小布什总统的五倍。这种频繁且大规模的更换高级顾问,已经成为特朗普政府的又一特色。
如果仔细分析留任和履新的人员,可以发现这其中不乏政界新人,还有许多长期被美国主流政治势力所压制与排斥的边缘人物。如今,在特朗普“反精英”、“反建制”的召唤下,他们大步跃入美国权力的中枢。他们的到来,不仅改变了白宫权力版图与政治生态,还对美国外交政策、全球治理、以及美中关系,产生颠覆性的影响。
随着特朗普进入白宫的“非主流”政治人物中最突出的代表,是已经离职的总统首席战略顾问班农。他曾经强烈抵制全球化、相信一场“反伊斯兰法西斯主义”的全球战争将开启、也视中国为美国全球政治和经济领导地位的最大挑战。班农已经告别白宫,重新回到他所熟悉的媒体世界和草根阶层,在总统权力中枢之外,继续为民粹主义站脚助威。
郭文贵受访赞班农是“了解亚洲的西方人”
但是送别了班农,白宫却迎来了更多的“非主流”人物。其中国家安全事务助理博尔顿,是新保守主义的代表人物之一,信奉单边主义,对美国所加入的国际条约和国际组织,持怀疑和否定态度。他曾在小布什总统任内出任美国驻联合国大使,但上任伊始,他就放言“联合国秘书处在纽约的大楼有38层,不过即使我今天砍掉10层,
也不会有什么不同。因为联合国根本就是不存在的东西”。博尔顿于2006年辞职,在美国右翼媒体福克斯新闻做兼职评论员,淡出政界多年。而此次出任国家安全事务助理之后,他抨击联合国,力主美国退出《中导条约》,依然保持“鹰派”本色。
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